औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं की बदलती भूमिका का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.18848/txz05f08Abstract
प्रस्तुत लघु शोध अध्ययन ‘‘औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं की बदलती भूमिका का अध्ययन’’ इंदौर जिले में कई प्रकार की औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिसमें रोजना आस-पास की महिलाऐं इसमें कार्य कर रही हैं और जिनसे इनकी आर्थिक स्थिति में काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। साक्षात्कार के दौरान जब इन महिलाओं से बातचीत की गई तो ज्ञात हुआ कि ये महिलाऐं स्वेच्छापूर्वक इन औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। आज उन्हें इन क्षेत्रों में कार्य करते हुए काफी लम्बा समय हो चुका है। किस समय पर किस प्रकार का कार्य करना हैं, इसकी जानकारी उन्हें अच्छे से पता है। आज औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने से इनके परिवार से लेकर इनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। इन महिलाओं का मानना हैं कि अगर इनके क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित नहीं होता तो शायद ये महिलाऐं आज मजदूरी का कार्य करती या फिर घर पर बैठकर अन्य कार्य को संपादित करती, जिसके कारण इनकी आर्थिक स्थिति में कुछ ही स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलता। अगर आज कोई महिलाऐं इन औद्योगिक क्षेत्र में कार्य कर रही हैं तो उन्हें आज कई प्रकार की सुविधाऐं इन क्षेत्रों में मिल रही है। साथ ही इनके बच्चे का भविष्य को संवारने में औद्योगिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। इंदौर शहर में आज अनेक प्रकार के औद्योगिक क्षेत्रों में अनेक प्रकार की कंपनीयां कार्य कर रही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य व्यापार करना हैं, जिसमें अनेक प्रकार की महिलाऐं कार्यरत हैं, जो कि सुबह 07ः00 से शाम 06ः00 बजे तक कार्य करती रहती हैं और उन्हें इस कार्य को करने में काफी आनंद भी आता है। इन्हें समय-समय पर वेतन भी प्राप्त होता हैं, जिसके कारण इन्हें यह कार्य करने में काफी लम्बा समय हो चुका है। आज ये महिलाऐं इस कार्य को करके इनके जीवन को सुखमय बना रही हैं, जिसके कारण आज इनकी अनेक प्रकार से सहायता भी मिल रही हैं और ये महिलाऐं खुशी-खुशी परिवार के साथ जीवन जी रही है। इंदौर जिले में ऐसे कई सारे औद्योगिक क्षेत्र है, जिनमें अधिकतर महिलाऐं चाहे वो ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती हो या फिर शहरी क्षेत्रों में इन औद्योगिक क्षेत्र में कार्य कर रही है। इन महिलाओं पर उद्योगों के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव दिखाई देता है। इस तरह से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने वाली अधिकतर महिलाओं पर इन उद्योगों का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने के साथ ही इंदौर जैसे महानगरों में भी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, जिससे आज इन उद्योगों के द्वारा देष में ही नहीं बल्कि विदेष में भी इनका नाम चल रहा है। इस तरह से इन उद्योगों के माध्यम से आस पास के क्षेत्रों में भी कई प्रकार के नवीन परिवर्तन दिखाई दे रहे है, जैसे कि आर्थिक स्थिति में बदलाव, प्रति व्यक्ति आय का बढ़ना, आस-पास के क्षेत्रों में निवास करने वाले बालक एवं बालिकाओं का षिक्षा में बदलाव, लोगों में जागरूकता एवं नवीन पद्धति के माध्यम से हर कार्य को करना, सामाजिक परिवर्तन आदि क्षेत्रों में बदलाव दिखाई दे रहा है। अगर ध्यान से देखा जाए तो इंदौर जिले के में अधिकतर क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित है, लेकिन ये स्थान ऐसे है, जिनमें अधिक से अधिक मात्रा में औद्योगिक क्षेत्र दिखाई देता है, जिनमें अधिक से अधिक मात्रा में महिलाओं के द्वारा कार्य किया जाता है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने से हर महिलाओं के जीवन में कुछ न कुछ बदलाव अवष्य दिखाई दे रहा है, जिनमें से प्रमुखतः उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार, वित्त की स्थिति में परिवर्तन, समाज में बदलाव, उनकी आवष्यकताओं को आसानी से पूर्ण करना इसके अलावा हर क्षेत्र में कार्य करने अतुरता, बातचीत का नजरीया में बदलाव, स्वयं का रोजगार स्थापित करना, आवष्यकता होने पर दूसरे लोगों को मदद करना, शैक्षणिक स्थिति में बदलाव आदि ऐसे कई सारे प्रमुख मुद्दे है, जिनमें महिलाओं में बदलाव प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता दे रहा है। इस तरह से आज इंदौर शहर में जो महिलाऐं औद्योगिक क्षेत्र में कार्य कर रही है, उनके कई प्रकार के नवीन परिवर्तन दिखाई दे रहे है, जो की परिवर्तन की लहर को साबित कर रही है। इस तरह से वर्तमान समय में इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले अधिकतर महिलाऐं एवं पुरूष निम्न स्तर पर कार्य करते हुए औद्योगिक क्षेत्र में देखे जाते है। वैसे तो अधिकतर महिलाऐं दिन में ज्यादा कार्य करती है, जबकि पुरूष वर्ग के द्वारा तीन पारियों में कार्य करते हुए देखे गये है। इन कंपनियों में इन लोगों को तीन वर्गो में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रथम पारी सुबह 8ः00 बजे से प्रारंभ होती है, वहीं दुसरी पारी शाम 4ः00 बजे एवं तीसरी पारी रात को 12ः बजे चलती है। इस तरह से ग्रामीण व्यक्ति अपनी सुविधाओं को ध्यान में रखकर इनमें से किसी भी पारी में चलकर कार्य करते रहते है, वे कभी सुबह की पारी में कार्य करते है तो कभी शाम की पारी में तो कभी रात की पारी में कार्य करते रहते है। इस तरह से आज वर्तमान समय में इंदौर जिले में औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों के द्वारा उनके सुविधाओं के अनुसार कार्य करते रहते है। आज इंदौर शहर के आस पास औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण आस-पास के वातावरण में भी कई प्रकार के नवीन बदलाव देखे गये हैं, जिनमें से मुख्यतः सामाजिक परिवर्तन, शैक्षणिक परिवर्तन एवं आर्थिक परिवर्तन, नवीन संसाधनों का घर में उपयोग करना, बच्चों को नवीन संसाधन उपलब्ध कराना, हर क्षेत्र में बच्चों को प्रोत्साहन देना, कभी-कभी पति की आर्थिक स्थिति में मदद करना आदि परिवर्तन मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं के जीवन शैली में मुख्यतः रूप से देखा गया है। इस तरह से वर्तमान समय में औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं की जीवन शैली में बदलाव दिखाई दे रहा है। आज इन महिलाओं के द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने से कई बदलाव सामाजिक क्षेत्र से लेकर आर्थिक क्षेत्र शैक्षणिक क्षेत्र सभी में दिखाई दे रहा है। इंदौर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं की शैक्षणिक स्थिति काफी निम्न स्थिति की पाई गई हैं, इस क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाऐं मुश्किल से 5वी पास, 8वी पास, 10वी पास या फिर 12वी पास महिलाऐं देखी गई है। इसके अलावा जो महिलाऐं अच्छी पढ़ी लिखी है, वे महिलाऐं इन क्षेत्रों में अच्छे पदों पर कार्य कर रही है। इंदौर जिले के विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इन उद्योगिक क्षेत्रों में आस-पास के लोग इसमें कार्य करते रहते हैं, चूंकि यह अध्ययन कार्य महिलाओं पर आधारित हैं, जिसमें मुख्य रूप से महिलाओं से इस संबंध में साक्षात्कार के माध्यम से कई बातों को उजागर करने का प्रयास किया गया हैं औद्योगिक के द्वारा महिलाओं के परिवार पर होने वाले परिवर्तन का अध्ययन के संबंधित महिलाओं के साक्षात्कार किया गया। जब उनसे पूछा कि आपके क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण आपके परिवार में किस प्रकार का परिवर्तन देखने को मिला हैं, जिसमें उनके द्वारा अनेक प्रकार के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष परिवर्तन को बताया है।





