लघुचित्रों से निनादित कृष्ण-लीला : भरतपुर राजकीय संग्रहालय के विशेष सन्दर्भ में
DOI:
https://doi.org/10.18848/hxxent83Abstract
भारतीय जीवन के प्राण के रूप में धर्म व धार्मिक चित्रों, प्रतीकों, देवी देवताओं का अद्वितीय स्थान सर्वविदित है। चाहे साधारण समाज हो या राजकीय जीवन धर्मयुक्त आचरण एवं देव - वन्दन अक्षुण्ण रूप से अविरल अनुकरणीय रहा है। भरतपुर के सिनसिनवार शासकों का इस सन्दर्भ में उल्लेख अवश्यम्भावी हो जाता है जिन्होंने कला, अनुष्ठान, शरणागीत आदि प्रत्येक माध्यम से अपने आराध्य श्री कृष्ण के प्रति कृत्यज्ञता को बार - बार प्रकट किया। शोध - पत्र लघु चित्रों में भरतपुर के राजाओं द्वारा कृष्ण - लीला के अंकन का विश्लेषण है।
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2007-2026
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Articles





